क्रिकेट में बॉलिंग स्पीड मापन तकनीक

क्रिकेट में बॉलिंग स्पीड मापन तकनीक से गेंदबाज द्वारा डाली गई गेंद की गति का आकलन किया जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि जब जसप्रीत बुमराह या मिचेल स्टार्क गेंद फेंकते हैं, तो टीवी स्क्रीन पर तुरंत उसकी स्पीड कैसे आ जाती है? क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेले में गेंदबाजी रफ्तार का भी अपना एक अलग रोमांच है।

क्रिकेट मैच के दौरान चाहे स्पिनर हो तेज गेंदबाज, गेंद जैसे ही बल्लेबाज तक पहुँचती है उसकी गति टीवी या मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई जाती है। लेकिन सवाल यह है कि गेंदबाजी की गति निकाली कैसे जाती हैं? इसके पीछे कौनसी तकनीक काम करती है?

इस लेख में इस तकनीक को बेहद आसान भाषा में समझते है।

क्रिकेट में बॉलिंग स्पीड मापन तकनीक

किसी भी क्रिकेट मैच में गेंदबाजों की गति का मापन गेंद दर गेंद किया जाता है। गेंद की गति की गणना करने के लिए दो मुख्य तकनीकों का उपयोग किया जाता है-

  • रडार गन या स्पीड गन तकनीक
  • हॉक आई तकनीक

इन दोनों ही तकनीकों को विस्तार और आसान भाषा में समझते है-

रडार गन या स्पीड गन तकनीक

खोजकर्ताजॉन बाकर
साल1947
क्रिकेट में प्रथम बार इस्तेमाल1999

यह तकनीक ठीक उसी तरह काम करती है जैसे पुलिस सड़क पर चलती गाड़ियों (कार-बस) की स्पीड मापती है। यह विज्ञान के “डॉप्लर प्रभाव” (Doppler Effect) के सिद्धांत पर काम करती है। इस मशीन में दो मुख्य हिस्से होते है एक रिसीवर (सिग्नल लेने वाला) और दूसरा ट्रांसमीटर (सिग्नल भेजने वाला)।

यह क्रिकेट में कैसे काम करती है-

यह स्पीड गन साइट स्क्रीन (Sightscreen) के पास लगाई जाती है, यहाँ से यह क्रिकेट पिच की तरफ लगातार सूक्ष्म तरंगे (Microwaves) भेजती रहती है। जैसे ही गेंदबाज गेंद फेंकता है यह गेंदबाज की हलचल को तुरंत पकड़ लेती है।

इसके बाद यह जानकारी “फोटो प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर” के पास भेजी जाती है, जो गेंद की पहचान कर स्क्रीन पर उसकी सही गति दिखा देती है।

मुख्य विशेषता या फायदे

यह तकनीक घूमती हुई गेंद (Spin Ball) की स्पीड को भी आसानी और सटीकता के साथ पकड़ लेती है, जिसकी वजह से गलती होने के गुंजाइश नहीं के बराबर होती है। इस तकनीक की स्पीड बहुत तेज है।

कोई गेंद जैसे ही रडार के सामने से गुजरती है, यह तकनीक पलक झपकते ही उसकी स्पीड पकड़ लेती है और तत्काल टीवी स्क्रीन पर दिखा देती है।

बॉलिंग स्पीड मापन की हॉक आई तकनीक

खोजकर्ताडॉ. पॉल हॉकिंस
क्रिकेट में पहली बार इस्तेमाल2001

हॉक-आई (Hawk-Eye) क्रिकेट में गेंदबाजों की स्पीड मापने की सबसे पॉपुलर और आधुनिक तकनीक है। यह एक कंप्यूटर आधारित सिस्टम है, जो न सिर्फ क्रिकेट में बल्कि टेनिस और फुटबॉल जैसे अन्य खेलों में भी अंपायरिंग के लिए इस्तेमाल की जाती है। क्रिकेट में इस तकनीक का इस्तेमाल साल 2001 से किया जा रहा है।

स्टेडियम के चारों ओर अलग-अलग एंगल पर कई उच्च गति वाले कैमरे लगाए जाते हैं। जब गेंदबाज बॉल फेंकता है, तो ये कैमरे हर सेकंड उसकी सैकड़ों तस्वीरें लेते हैं, इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर उन तस्वीरों की मदद से गेंद की गति और उसका रास्ता ट्रैक करता है।

यह तकनीक इतनी सटीक और एडवांस है कि यह 5 मिलीमीटर जैसी मामूली दूरी या बदलाव को भी बिल्कुल सही तरीके से माप लेती है। यही कारण है कि LBW जैसे बड़े फैसले और बॉल ट्रैकिंग में इस तकनीक पर भरोसा किया जाता है।

यह तकनीक इतनी एडवांस है कि जिस तरह से गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटती है, ठीक उसकी तरह यह उसके हर एक मूवमेंट का मापन करती है। इस तकनीक का उपयोग क्रिकेट के साथ-साथ मुख्य रूप से ब्रेन सर्जरी और मिसाइल ट्रैकिंग में भी किया जाता है।

क्रिकेट स्टेडियम में इस सिस्टम के तहत कुल 6 हाई-टेक कैमरे काम करते हैं, जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के साथ मिलकर परिणाम को 3D में दिखाते हैं। यह तकनीक गेंद की गति के साथ-साथ उसकी सटीक दिशा का भी पहले से अनुमान लगा तेली है। यह विधि अंपायर के लिए वरदान है।

बॉलिंग स्पीड मापन की हॉक आई तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गेंद की स्पीड का सटीक और सही आकलन करती है, साथ ही यह गेंद की दिशा और हवा में होने वाली स्विंग की भी पहचान करता है। यह तकनीक गेंदबाज की सही लाइन और लेंथ की जानकारी देती है।

अगर आप रिवर्स स्विंग के पीछे का साइंस जानना चाहते हैं, लिंक पर क्लिक कर लेख पढ़ सकते है।

सवाल-जवाब

क्या गेंद की स्पीड पिच पर ठप्पा खाने के बाद मापी जाती है?

जवाब- नहीं, स्पीड गन या हॉक-आई हमेशा गेंद के गेंदबाज के हाथ से छूटते ही (Release Point पर) उसकी अधिकतम गति को मापती है।

दुनिया की सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड किसके नाम है?

जवाब- क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के नाम दर्ज है। अख्तर ने साल 2003 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 161.3 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी।

भारत का सबसे तेज गेंदबाज कौन है?

जवाब- भारत के सबसे तेज गेंदबाज उमरान मलिक हैं, जिन्होंने 157 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी है।

क्या स्पिनर्स की गेंद की गति भी मापी जा सकती है?

जवाब- हाँ, रडार गन और हॉक-आई तकनीक सटीक हैं कि वे तेज गेंदबाज के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजों की धीमी गति और गेंद के टर्न को भी बिल्कुल सही माप लेती है।