रणजी ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट की आत्मा है। हर युवा क्रिकेटर का सपना होता है कि वह रणजी खेले, लेकिन बहुत कम खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी सिलेक्शन प्रक्रिया के बारे में जानते हैं। युवा क्रिकेटरों का सबसे पहला प्रश्न यही होता है कि “रणजी ट्रॉफी में सिलेक्शन कैसे होता है?
इसमें चयन सीधे तौर पर नहीं होता, बल्कि इसकी चयन प्रक्रिया जिला स्तर (District Level) से राज्य स्तर (State Level) तक चलती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ही अपने राज्य की रणजी टीम में खेलने का मौका मिलता है।
हालांकि यह प्रक्रिया (Ranji Trophy Selection Process) थोड़ी लंबी लग सकती है, लेकिन अगर आप सही रास्ते पर लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो रणजी टीम में चयन नामुमकिन नहीं है।
रणजी ट्रॉफी सिलेक्शन प्रक्रिया (Ranji Trophy Selection Process)
रणजी ट्रॉफी भारत की सबसे प्रतिष्ठित और विश्व विख्यात फर्स्ट क्लास घरेलु क्रिकेट प्रतियोगिता है। इसमें चयन की प्रक्रिया जिला स्तर से शुरू होकर राज्य की मुख्य टीम तक चरणबद्ध तरीके से चलती है। रणजी ट्रॉफी में चयन एक सीढ़ी चढ़ने जैसा है।
जैसे आप पहली क्लास पास करके अगली क्लास में जाते हैं, ठीक वैसे ही क्रिकेट में भी आपको एक-एक पायदान पार करना होता है।
रणजी ट्रॉफी सिलेक्शन प्रक्रिया के मुख्य चरण-
| सीढ़ी (Level) | टूर्नामेंट/स्टेज | किसे मौका मिलता है? | उदाहरण |
| लेवल 1 | क्लब या अकादमी | नए और युवा खिलाड़ी | स्कूल के वार्षिक खेल/लोकल अकादमी मैच |
| लेवल 2 | जिला (District) | क्लब के टॉप खिलाड़ी | इंटर डिस्ट्रिक्ट लीग्स या मैच |
| लेवल 3 | राज्य ऐज-ग्रुप (U-19, U-23) | जिले के स्टार खिलाड़ी | कूच बिहार ट्रॉफी (U-19) या सी.के. नायडू (U-23) |
| लेवल 4 | रणजी ट्रॉफीटीम | राज्य के बेस्ट 15 खिलाड़ी | राज्य की सीनियर टीम |
[1] क्लब और अकादमी क्रिकेट (Club and Academy Cricket- Foundation Stage)
किसी भी युवा क्रिकेटर के सफर की शुरुआत यहां से होती हैं। प्लेयर को अपने क्षेत्र की किसी मान्यता प्राप्त क्रिकेट अकादमी में एडमिशन लेना होता है और स्थानीय क्लब मैचों में भाग लेना होता है, जैसे प्राइवेट लीग्स, क्लब फ्रेंडली मैचेस और समर कैंप आदि।
इस स्तर पर खिलाड़ी की तकनीक और फिटनेस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है। चयनकर्ता सबसे पहले खिलाड़ी के बेसिक्स और अनुशासन को परखते हैं।
उदहारण–
अजय जयपुर के एक क्रिकेट क्लब से जुड़ता है। वह वीकेंड लीग मैचों में खेलने की शुरुआत करता है, ताकि उसे लाल गेंद से खेलने का अनुभव मिल सके।
क्लब क्रिकेट और अकादमी क्रिकेट रणजी ट्रॉफी सिलेक्शन प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है।
[2] जिला स्तरीय चयन और मैच (District Level Trials and League Matches)
यह रणजी ट्रॉफी चयन प्रक्रिया का एक बहुत महत्वपूर्ण चरण है। इसमें हर राज्य का क्रिकेट बोर्ड अपने जिलों में ओपन ट्रायल्स आयोजित करता है। जिला चयन समिति (District Selection Committee) ट्रायल्स के आधार पर जिला टीम का चयन करती है।
इसमें जिला लीग और इंटर डिस्ट्रिक्ट मैचेस जैसे मुख्य टूर्नामेंट होते है। राज्य क्रिकेट संघ केवल उन्हीं खिलाड़ियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में लाते हैं जो जिला स्तर पर पंजीकृत (Registered) होते हैं। यहाँ से खिलाड़ी का आधिकारिक स्टेट डेटा बनना शुरू होता है।
उदाहरण-
अजय जयपुर डिस्ट्रिक्ट के ट्रायल्स में जाता है। नेट्स पर शानदार गेंदबाजी (स्विंग, गति और सटीक लाइन-लेंथ) के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान अजय पर जाता है और जयपुर टीम में उसका चयन हो जाता है। यह मान लिया जाए कि अजय ने 4 मैचों में 18 विकेट लिए।
[3] राज्य चयन ट्रायल और कैम्प (State Selection Trials and Probables Camp)
जिला स्तरीय टूर्नामेंट्स में टॉप परफॉर्म करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (जैसे RCA, UPCA, DCA, DDCA) को भेजी जाती है। राज्य स्तर के सिलेक्टर इन खिलाड़ियों को State Camp में बुलाते हैं।
यहाँ पर फिटनेस टेस्ट (yo-yo टेस्ट और 2 किलोमीटर रनिंग) और अभ्यास मैच (Practice Matches) होते है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नियमों के अनुसार इस चरण में खिलाड़ियों की आयु सत्यापन (Age Verifiction – Bone Test/TW3) और आधार कार्ड का वेरिफिकेशन अनिवार्य होता है।
उदाहरण-
जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद अजय को RCA (राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन) के 30 संभावित खिलाड़ियों के कैंप में बुलाया जाता है, जहाँ वह राज्य के सबसे अच्छे बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करता है।
[4] राज्य एज-ग्रुप टीम में चयन (स्टेट Age-Group Teams U-19 & U-23)
सीधे रणजी खेलना मुश्किल होता है। 90 प्रतिशत खिलाड़ी राज्य की अंडर-19 या Under-23 टीम के जरिये ही मुख्य सीनियर टीम तक पहुँचते है।
इस स्टेज पर कूच बिहार ट्रॉफी (अंडर-19), वीनू माकंड ट्रॉफी (अंडर-19 वनडे) और सी. के. नायडू ट्रॉफी (अंडर-23) जैसे टूर्नामेंट्स खेले जाते हैं। यह BCCI का ऑफिसियल फर्स्ट-क्लास पाथवे (BCCI Domestic Pathway) है।
इन राष्ट्रिय स्तर के एज ग्रुप टूर्नामेंट्स (National Level Age Group Tournaments) का डाटा राष्ट्रिय चयनकर्ताओं (National Selectors) के पास दर्ज होता है।
उदाहरण-
अजय का चयन राजस्थान की अंडर-23 (C.K. Nayudu Trophy) टीम में हो जाता है। वह मुंबई और तमिलनाडु के खिलाफ मैचों में 5-5 विकेट लेता है, जिससे राज्य (RCA) के मुख्य सेलेक्टर्स का ध्यान उस पर जाता है।
[5] रणजी ट्रॉफी टीम में चयन
एज-ग्रुप टूर्नामेंट्स और राज्य की सीनियर डिवीज़न लीग्स (जैसे तमिलनाडु की TNCA First Division League) के टॉप परफॉर्मर्स को रणजी के 15 या 20 खिलाड़ियों के स्क्वाड में चुना जाता है। इस तरह एक खिलाड़ी चरणबद्ध तरीके से अपने राज्य की रणजी ट्रॉफी टीम में जगह बना सकता है।
रणजी का प्रदर्शन सीधे भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम (Team India), इंडिया-A और आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग-IPL) के दरवाजे खोल देता है।
उदाहरण-
अंडर-23 में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण अजय को राजस्थान की रणजी ट्रॉफी टीम के 15-सदस्यीय दल में जगह मिल जाती है और अजय आधिकारिक रूप से फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर बन जाता है।
आपने अभी रणजी ट्रॉफी सिलेक्शन प्रक्रिया (Ranji Trophy Selection Process) के बारे में पढ़ा, उम्मीद है की यह प्रक्रिया आपको अच्छी तरह से समझ आ गई होगी।
रणजी ट्रॉफी उम्र सीमा (Ranji Trophy Age Limit)
| न्यूनतम आयु सीमा | अधिकतम आयु सीमा |
| 15 वर्ष | कोई ऊपरी सीमा नहीं। |
रणजी ट्रॉफी में भाग लेने केलिए बीसीसीआई द्वारा कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। खिलाड़ी अपने हुनर, फिटनेस और अच्छे प्रदर्शन के आधार पर किसी भी आयु में रणजी खेल सकता है।
न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा (Minimum and Maximum Age)
रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने के लिए खिलाड़ी की आयु कम से कम 15 वर्ष होनी चाहिए, जबकि अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है। कोई भी खिलाड़ी (परफॉरमेंस जरुरी) फिटनेस टेस्ट जैसे Yo-Yo Test पास कर इसमें भाग ले सकता है।
एज-ग्रुप टूर्नामेंट्स के लिए आयु सीमा (Bcci Domestic Pathway)
रणजी ट्रॉफी के लिए एज-ग्रुप टूर्नामेंट्स महत्वपूर्ण है, इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आयु सीमा से सम्बंधित कड़े नियम बनाए हैं-
अंडर-16 खिलाड़ी की आयु 16 वर्ष से कम होनी चाहिए, इस एज ग्रुप में मुख्य टूर्नामेंट विजय मर्चेंट ट्रॉफी है।
अंडर-19 (कूच बिहार एवं वीनू माकंड ट्रॉफी) इसमें खिलाड़ी की आयु 19 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए।
अंडर-23 (सी. के. नायडू ट्रॉफी) इसमें खिलाड़ी की आयु 23 वर्ष या इससे कम होनी चाहिए।
ओवर-एज और फर्जीवाड़ा से सम्बंधित नियम
बीसीसीआई अंडर-16 और अंडर-19 लेवल पर आयु में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए TW3 बोन टेस्ट (Bone Density Test) से कलाई का X-Ray करके खिलाड़ी की वास्तविक जैविक आयु का पता लगाती है।
डिजिटल डाक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाता है जिसमें जन्म-प्रमाणपत्र और पहचान पत्रों का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है। जन्म-प्रमाणपत्र (Birth-Certificate) मैच या ट्रायल वर्ष से कम से कम 2 वर्ष पुराना होना चाहिए।
यदि कोई खिलाड़ी फर्जी (Duplicate) या गलत आयु प्रमाणपत्र के साथ पकड़ा जाता है, तो BCCI उस पर 2 साल का प्रतिबन्ध लगा देती है।
सेलेक्टर्स की प्राथमिकता
ज्यादातर चयनकर्ता 18 वर्ष से लेकर 26 वर्ष की आयु सीमा वर्ग को प्राथमिकता देते है। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि इस आयु के खिलाड़ी लंबे समय तक राज्य या आगे टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर सकते है।
स्कूल के स्टूडेंट्स के लिए जरुरी दस्तावेज (Documents)
| स्टूडेंट्स के लिए जरुरी दस्तावेज (School Students Cricket Trial Documents) |
| कंप्यूटर आधारित जन्म-तिथि या जन्म-प्रमाणपत्र (Birth-Certificate)- हाथ से लिखा मान्य नहीं। |
| 3 साल का एजुकेशन/ बोनाफाइड/ डोमिसाइल (निवास) प्रमाणपत्र (स्टूडेंट उसी राज्य का है) |
| खिलाड़ी का आधार कार्ड |
| माता-पिता का आधार कार्ड |
| माता-पिता विवाह तिथि |
| खिलाड़ी का ब्लड ग्रुप |
| पासपोर्ट साइज फोटो |
यह सभी डाक्यूमेंट्स पीडीएफ फॉर्मेट में होना भी जरुरी है।
ओपन क्रिकेट ट्रायल डाक्यूमेंट्स (Open Cricket Trial Documents)
ओपन एज कैटेगरी में उम्र की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इसमें आमतौर पर 23 वर्ष या अधिक आयु के खिलाड़ी भाग लेते है। अगर आपमें हुनर और शारीरिक फिटनेस है, तो आप BCCI के नियमानुसार किसी भी उम्र में सीनियर ट्रायल्स दे सकते हैं।
ओपन क्रिकेट ट्रायल के लिए जरुरी दस्तावेज-
| 1 साल का जॉब या सैलरी प्रूफ |
| आवेदक का आधार कार्ड |
| माता-पिता का आधार कार्ड |
| डोमिसाइल/निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) |
| ब्लड ग्रुप रिपोर्ट |
| पासपोर्ट साइज फोटो (JPG या PNG) |
| महत्वपूर्ण नोट- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के समय सभी डाक्यूमेंट्स की पीडीएफ जरुरी है। |
ओपन एज कैटेगरी ट्रायल्स में “लोकल प्लेयर” की पात्रता साबित करने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बॉर्ड और राज्य क्रिकेट संघों का बेहद सख्त नियम है:
आप जिस राज्य में से ट्रायल देना चाहते है, वहां आपके पास सैलरी स्लिप के रूप में कम से कम 1 साल का जॉब करने का वैध प्रमाण होना चाहिए। अगर सैलरी कैश में मिलती है तो यह मान्य नहीं है, अगर कोई आवेदक किसी भी संस्थान से लेटरहेड पर लिखवा कर लाता है, तो भी मान्य नहीं है।
चाहे आप किसी स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर हों, क्रिकेट कोच हों या किसी अन्य प्राइवेट फर्म में कार्यरत हो, सैलरी खाते में क्रेडिट होनी चाहिए।
मान लो आप किसी राज्य में 15 सालों से रह रहे हैं, आपके पास खुद का घर, राशन कार्ड और आधार कार्ड भी है लेकिन 1 साल का वैध सैलरी स्लिप प्रूफ नहीं है, तो आप उस राज्य से ओपन ट्रायल्स के लिए योग्य नहीं है।
अगर आपके माता-पिता इंडियन आर्मी में हैं और आपका ट्रांसफर अलग-अलग राज्यों में होता रहता है, तब भी BCCI के नियमानुसार सम्बंधित राज्य से खेलने के लिए आपके पास सैलरी प्रूफ होना अनिवार्य है।
कहीं न कहीं यह नियम किसान परिवार से आने वाले खिलाड़ियों, खुद का व्यवसाय करने वाले या केवल पूरा समय क्रिकेट पर ध्यान देने वाले युवाओं के लिए बेहद मुश्किल होता है। ऐसे खिलाड़ियों के लिए 1 साल का वैध सैलरी प्रमाण पत्र कहाँ से आएगा?
रणजी ट्रॉफी सैलरी सिस्टम क्या है? (Ranji Trophy Salary System)
| श्रेणी | अनुभव (प्रतिदिन) | प्लेइंग 11 (प्रतिदिन) | रिजर्व/बेंच (प्रतिदिन) | 4-5 दिवसीय मैच की कुल फीस |
| रणजी ट्रॉफी | 1 से 20 मैच | ₹40000 | ₹20000 | ₹2.00 लाख |
| रणजी ट्रॉफी | 21 से 40 मैच | ₹50000 | ₹25000 | ₹2.50 लाख |
| रणजी ट्रॉफी | 40 से अधिक मैच | ₹60000 | ₹30000 | ₹3.00 लाख |
| अंडर-23 | सभी खिलाड़ी | ₹25000 | ₹12500 | ₹1.00-₹1.25 लाख |
| अंडर-19 | सभी खिलाड़ी | ₹20000 | ₹10000 | ₹80000-₹1.00 लाख |
| अंडर-16 | सभी खिलाड़ी | ₹7000 | ₹3500 | ₹28000-₹35000 |
सीनियर (रणजी) स्तर पर खिलाड़ियों की फीस उनके द्वारा खेले गए प्रथम श्रेणी मैचों (First Class Matches) के अनुभव के आधार पर बढ़ती रहती है। यदि कोई खिलाड़ी पूरी रणजी ट्रॉफी सीजन में खेलता है और टीम फाइनल खेलती है, तो वह मैच फीस के रूप में 16 लाख से 25 लाख तक कमा सकता है।
इतना ही नहीं रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीम को ₹5 करोड़ और उप-विजेता टीम को ₹3 करोड़ की पुरुस्कार राशि मिलती है, जो खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ में बांटी जाती है।
रणजी ट्रॉफी खेलने वाले प्लेयर को मिलने वाली पेंशन
| पात्रता (Match Played) | पुरुष मासिक पेंशन | महिला मासिक पेंशन |
| 25 से 49 रणजी मैच | ₹30000 प्रति माह | ₹30000 प्रति माह |
| 50 से 74 रणजी मैच | ₹45000 प्रति माह | ₹45000 प्रति माह |
| 75 या अधिक | ₹60000 प्रति माह | ₹52500 प्रति माह |
| इंटरनेशनल वनडे/टेस्ट | ₹60000 से ₹70000 प्रति माह | ₹52500 से ₹60000 प्रति माह |
बीसीसीआई की नियमित मासिक पेंशन के लिए किसी भी खिलाड़ी को कम से कम 25 रणजी मैच खेलना अनिवार्य है। 25 से कम मैच खेलने वाले किसी भी खिलाड़ी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से हर महीने पेंशन नहीं मिलती है।
अन्य सुविधाएँ
10 से 24 रणजी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए बीसीसीआई समय-समय पर एकमुश्त राहत फण्ड की घोषणा करती है।
25 से कम रणजी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का मेडिकल insurance का लाभ मिलता है।
राज्य क्रिकेट संघ द्वारा भी 10 से अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को मासिक पेंशन या वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
किसी गंभीर बीमारी या आकस्मिक वित्तीय संकट की स्थिति में खिलाड़ी या उसके परिवार को Ex-Gratia Payment प्रदान किया जाता है।
अगर आप रणजी ट्रॉफी विजेता सूची और रणजी ट्रॉफी में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों के बारे में जानना चाहते है, तो लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते है।
सवाल-जवाब
रणजी ट्रॉफी का इतिहास क्या है?
जवाब- रणजी ट्रॉफी भारत की सबसे बड़ी घरेलु क्रिकेट प्रतियोगिता है। इसकी शुरुआत जुलाई 1934 में हुई थी जबकि पहला रणजी मैच 4 नवंबर 1934 के दिन मद्रास और मैसूर के बीच खेला गया था। इसका नामकरण भारत के प्रथम इंटरनेशनल क्रिकेटर महाराजा रणजीत सिंह के नाम पर रखा गया।
रणजी ट्रॉफी कितने ओवर की होती है?
जवाब- रणजी ट्रॉफी में ग्रुप स्टेज या लीग मैच दिन के होते है, जबकि नॉकआउट मैच 5 दिन के होते है। दिनभर में 6 घंटे का खेल होता है और लगभग एक दिन में 90 ओवर का खेल होता है।
रणजी ट्रॉफी सिलेक्शन प्रक्रिया क्या होती है?
जवाब- रणजी ट्रॉफी में चयन के लिए एक खिलाड़ी को जिला लेवल से लेकर राज्य स्तर तक लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होता है। इसके अलावा विभिन्न ट्रायल्स में भी अच्छा खेलने वाला खिलाड़ी रणजी टीम में सेलेक्ट हो सकता है।
क्या विराट कोहली रणजी ट्रॉफी खेल सकते है?
जवाब- हाँ, विराट कोहली रणजी ट्रॉफी खेल सकते है।
क्या महेंद्र सिंह धोनी ने रणजी ट्रॉफी खेली थी?
जवाब- जी हाँ, महेंद्र सिंह धोनी ने बिहार के लिए खेलते हुए असम के खिलाफ 1999-2000 में अपने रणजी करियर की शुरुआत की थी। उस समय 18 वर्ष की आयु में उन्होंने दूसरी पारी में 68 रन बनाए।
रणजी ट्रॉफी में चयन आसान है या मुश्किल?
जवाब- रणजी ट्रॉफी में चयन पूरी तरह से आपके खेल और फिटनेस पर निर्भर करता है।
क्या मैं रणजी ट्रॉफी खेल सकता हूँ?
जवाब- हां, अगर आप ऊपर बताई गई प्रोसेस को फॉलो करते है, तो निश्चित तौर पर आपका सपना पूरा हो सकता है।
रणजी ट्रॉफी सिलेक्शन प्रक्रिया (Ranji Trophy Selection Process) पर आधारित यह लेख उन हजारों युवा और सीनियर खिलाड़ियों के लिए उपयोगी है, जो रणजी खेलने का सपना देख रहे है या जिनको रणजी ट्रॉफी चयन प्रक्रिया की जानकारी चाहिए।