ज़हीर ख़ान की जीवनी: करियर, रिकॉर्ड्स, नेट वर्थ और पारिवारिक जीवन

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महानतम गेंदबाजों में शुमार ज़हीर ख़ान की जीवनी हर युवा तेज गेंदबाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। वे लगभग एक दशक से भी अधिक समय तक भारतीय क्रिकेट टीम की गेंदबाजी की रीढ़ की हड्डी रहे हैं। बाएं हाथ (Left Hnad) से अपनी तेज और धारदार गेंदबाजी के दम पर विश्व क्रिकेट में उन्होंने अपना लोहा मनवाया और भारतीय क्रिकेट को ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना अहम योगदान दिया।

ज़हीर (Zaheer Khan) साल 2000 से लेकर 2014 तक भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की गेंदबाजी का आधार स्तम्भ रहे। ज़हीर दोनों तरफ से स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते है, साथ ही पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने में उनको महारत हासिल थी।

ज़हीर ख़ान के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 610 विकेट दर्ज हैं। भारतीय क्रिकेट टीम में उनके योगदान का अंदाजा इस बात से भी लगया जा सकता कि साल 2003 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट लिए थे, और भारतीय टीम के फाइनल तक के सफर में उनका बहुमूल्य योगदान रहा।

ज़हीर ख़ान की जीवनी (Zaheer Khan Biography in Hindi) को करीब से देखने पर पता चलता है कि उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप 2007 और 2011 में भी भारत की ओर से सबसे अधिक विकेट लिए। भारत ने जब साल 2011 में वर्ल्ड कप जीता, उसमें ज़हीर ख़ान की अहम भूमिका रही।

ज़हीर के नाम टेस्ट क्रिकेट में 311 विकेट और वनडे क्रिकेट में 282 विकेट दर्ज है। इस लेख में हम आपको ज़हीर ख़ान के जीवन परिचय के तहत उनके परिवार, पत्नी, क्रिकेट करियर और नेट वर्थ के बारे में बेहद आसान भाषा में पूरी जानकारी पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

ज़हीर ख़ान की जीवनी

परिचय बिंदुपरिचय
पूरा नामज़हीर ख़ान (Zaheer Khan)
निक नामजैक, जिप्पी और जक्की
पेशाक्रिकेटर (तेज गेंदबाज)
देशभारत
जन्म7 अक्टूबर 1978
आयु45 वर्ष
जन्म स्थानश्रीरामपुर (महाराष्ट्र)
माता का नामज़किया ख़ान (अध्यापिका)
पिता का नामबख्तियार खान (फोटोग्राफर)
कोचसुधीर नायक, उत्सव यादव
डेब्यू3 अक्टूबर 2000 बनाम केन्या (ODI), 10 नवंबर 2000 बनाम बांग्लादेश (Test)
जर्सी नंबर34

ज़हीर ख़ान का प्रारंभिक जीवन और संघर्ष (Zaheer Khan Early Life)

ज़हीर ख़ान के जीवन में सबसे पहला और महत्वपूर्ण अध्याय उनके प्रारंभिक जीवन और कड़े संघर्ष का है। उनका जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के श्रीरामपुर में एक मध्यमवर्गीय मराठी मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम बख्तियार ख़ान है, जो पेशेवर फोटोग्राफर और उनकी माता ज़किया खान एक अध्यापिका थी।

ज़हीर के परिवार में उनके अलावा दो भाई भी हैं, जिनका नाम जीशान ख़ान और अनीस ख़ान है।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा न्यू मराठी प्राइमरी स्कूल और के.जे. सोमैया माध्यमिक विद्यालय से पूरी हुई। बचपन में वे पढ़ाई में बहुत अच्छे थे और आगे चलकर एक इंजीनियर बनाना चाहते थे, उनके माता-पिता का भी यही सपना था। लेकिन जब भी ज़हीर गली में या स्थानीय क्रिकेट ग्राउंड्स पर क्रिकेट खेलते थे, तो अपनी रफ्तार से सबका ध्यान खींच लेते थे।

एक दिन उनके पिता ने उनकी इस अद्भुत प्रतिभा को पहचाना और कहा कि “देश में इंजीनियर की कोई कमी नहीं है, तुम क्रिकेट खेलो और एक महान गेंदबाज बनो।” पिता से मिले इस भरोसे के बाद उन्होंने महज 11 साल की आयु से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था।

मुंबई का सफर और संघर्ष

क्रिकेट में अपना करियर बनाने के लिए ज़हीर ख़ान मुंबई आ गए और “मुंबई नेशनल क्रिकेट क्लब” ज्वाइन कर लिया। शुरू में ज़हीर के लिए पैसों की तंगी के चलते मुंबई जैसे शहर में रहना आसान नहीं था, इस कारण से उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने लगे।

कठिन समय में मुंबई नेशनल क्रिकेट क्लब के मुख्य कोच सुधीर नायक (जो अब इस दुनिया में नहीं हैं) ने उनकी बहुत सहायता की। उनके कोच ने उनको पांच हजार रुपये महीना की सैलरी में एक प्राइवेट कम्पनी में जॉब लगवाई ताकि ज़हीर को आर्थिक मदद मिल सके।

ज़हीर के करियर का टर्निंग पॉइंट

समय के साथ-साथ ज़हीर ख़ान की गेंदबाजी में जबरदस्त निखार आने लगा, जिससे कोच सुधीर बहुत प्रभावित हुए। उनकी प्रतिभा को और निखारने के लिए कोच ने उनको चेन्नई स्थित प्रसिद्ध MRF पेस फाउंडेशन (MRF Pace Foundation) भेजा।

वहाँ महान ऑस्ट्रेलियाई पूर्व तेज गेंदबाज डेनिस लिली (Dennis Lillee) ने जब नेट पर ज़हीर की गेंदबाजी देखी, तो वे दंग रह गए। लिली ने ज़हीर की काबिलियत को पहचानते हुए उस समय भविष्यवाणी की थी कि “यह लड़का आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट टीम का भविष्य बनेगा”

MRF पेस फाउंडेशन में ट्रेनिंग के दौरान उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए उनको फर्स्ट क्लास क्रिकेट (प्रथम श्रेणी क्रिकेट) में वड़ोदरा की टीम में जगह मिल गई।

घरेलु क्रिकेट में वड़ोदरा की ओर से खेलते हुए ज़हीन ने शानदार प्रदर्शन किया और यहीं से उनके लिए भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) में शामिल होने के रास्ते खुल गए।

ज़हीर ख़ान का इंटरनेशनल डेब्यू

हर युवा खिलाड़ी की तरह ज़हीर ख़ान का सपना भी अपने देश के लिए खेलना था। उनका यह सपना साल 2000 में तब सच हुआ, जब उन्हें पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया।

ज़हीर ने 3 अक्टूबर 2000 को केन्या के खिलाफ आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी (जिसे अब चैंपियंस ट्रॉफी कहा जाता है) में एकदिवसीय इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया और शानदार गेंदबाजी के दम पर वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे।

वनडे डेब्यू (Zaheer Khan ODI Debut):

ज़हीर ख़ान (Zaheer Khan) ने केन्या के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। इस मैच में उन्होंने 10 ओवरों में 48 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। दिलचस्प बात यह है कि इस मैच में ज़हीर के साथ-साथ युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और विजय दहिया (Vijay Dahiya) ने भी अपना वनडे इंटरनेशनल डेब्यू किया था।

इस मैच में भारत ने केन्या को 8 विकेट से हराया था।

टेस्ट डेब्यू (Zaheer Khan Test Debut):

एकदिवसीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर ज़हीर को भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली। ज़हीर ख़ान ने बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए एकमात्र ऐतिहासिक मैच से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। यह मैच 10 नवंबर 2000 को ढाका में खेला गया था।

अपने पहले टेस्ट मैच में भी इन्होंने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया, इस मैच में ज़हीर को पहली पारी में 2 विकेट और दूसरी पारी में 1 विकेट हासिल किया।

दिलचस्प बात यह है कि इस मैच में भी ज़हीर के साथ 2 अन्य खिलाड़ी सबा करीम (Saba Karim) और शिव सुंदर दास (Shiv Sunder Das) ने भी अपना टेस्ट डेब्यू किया था।

टीम इंडिया ने यह मुकाबला 9 विकेट से जीता था।

ज़हीर ख़ान टी-20 डेब्यू (Zaheer Khan T20 Debut):

वनडे और टेस्ट के बाद, ज़हीर ख़ान भारत के पहले ऐतिहासिक टी-20 इंटरनेशनल मैच का हिस्सा भी बने। उन्होंने 1 दिसंबर 2006 को जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना टी-20 डेब्यू किया था। वीरेंद्र सहवाग की कप्तानी में खेला गया यह मैच टीम इंडिया के क्रिकेट इतिहास का पहला टी-20 इंटरनेशनल मैच था।

इस मैच में ज़हीर ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में मात्र 15 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।

ज़हीर ख़ान इंटरनेशनल क्रिकेट करियर

भारतीय क्रिकेट इतिहास में ज़हीर ख़ान की पहचान एक मुख्य तेज गेंदबाज के रूप में रही है। उनके आने के बाद भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को एक नई धार मिली। उस समय वर्ल्ड क्रिकेट में बाएं हाथ (Left Arm) के तेज गेंदबाजों की कमी थी, ऐसे में ज़हीर ने अपनी स्विंग और रफ़्तार से उस कमी को पूरा किया।

चाहे टेस्ट क्रिकेट हो या वनडे मैच, उन्होंने हर फॉर्मेट में अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई। भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में उनका अतुलनीय योगदान रहा।

यहाँ हम उनके क्रिकेट करियर के आंकड़ों (Zaheer Khan Career Stats) पर एक नजर डालते हैं, जिससे आप क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में उनके स्टैट्स को जान सकें-

वनडे करियर (Zaheer Khan ODI Stats):

इनका एकदिवसीय क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा। इन्होंने भारत के लिए 200 वनडे मैच खेले। साल 2000 में केन्या के खिलाफ शुरू उनका वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट करियर 4 अगस्त 2012 को श्रीलंका के पालेकेले (Pallekele) में समाप्त हुआ।

विदाई मैच में उनको 1 विकेट मिला था। नीचे दी गई सारणी में आप उनके वनडे आंकड़े (ODI Stats) देख सकते है-

मैच खेले200 मैच
विकेट लिए282 विकेट
बेस्ट प्रदर्शन5 विकेट 42 रन देकर
रन बनाए792 रन
उच्चतम स्कोर34 नॉट आउट

टेस्ट करियर (Zaheer Khan Test Stats):

वनडे क्रिकेट के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में भी ज़हीर ख़ान ने शानदार प्रदर्शन किया किया था। उन्होंने भारत के लिए 92 टेस्ट मैच खेले। जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत साल 2000 में बांग्लादेश के खिलाफ की थी जबकि उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच फरवरी 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।

अपने करियर के अंतिम मैच में ज़हीर ने शानदार गेंदबाजी की, पहली पारी में उनको एक भी विकेट नहीं मिला लेकिन दूसरी पारी में 5 विकेट चटकाए और अपने टेस्ट करियर का अंत बेहद यादगार अंदाज में किया।

नीचे दी गई सारणी में उनके टेस्ट करियर के आंकड़े दिए गए है-

मैच खेले92 मैच
विकेट लिए311 विकेट
बेस्ट प्रदर्शन7 विकेट 87 रन देकर (एक पारी)
रन बनाए1231 रन
उच्चतम स्कोर75 रन

टी-20 करियर (Zaheer Khan T20 Stats):

क्रिकेट के इस शॉर्ट फॉर्मेट में ज़हीर ख़ान ने भारत के लिए कुल 17 इंटरनेशनल टी-20 मैच खेले थे। उन्होंने साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया के सबसे पहले ऐतिहासिक टी-20 मैच से इस फॉर्मेट में पदार्पण किया था।

उन्होंने अपना अंतिम टी-20 मुकाबला भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 अक्टूबर 2012 को टी-20 वर्ल्ड कप में खेला था।

मैच खेले17 मैच
विकेट लिए17 विकेट
बेस्ट प्रदर्शन4 विकेट लिए 19 रन देकर
रन बनाए13 रन
उच्चतम स्कोर9 रन

आईपीएल करियर (Zaheer Khan IPL Stats):

इंडियन प्रीमियम लीग (IPL) के इतिहास में ज़हीर ख़ान के नाम एक बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है। साल 2008 में खेले गए आईपीएल के प्रथम संस्करण के पहले मैच में उन्होंने पारी का पहला विकेट चटकाया था।

इसका सीधा सा अर्थ यह है कि ज़हीर ख़ान आईपीएल का पहला विकेट लेने वाले गेंदबाज है। करियर की शुरुआत रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम से की थी। इसके बाद वे अपने करियर में मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी खेले।

इस दिलचस्प बात यह है कि RCB से अपने आईपीएल सफर की शुरुआत करने वाले ज़हीर ने अपना अंतिम मैच RCB के खिलाफ ही खेला था।

आईपीएल में डेब्यूसाल 2008
पहली टीमरॉयल चैलेंजर बैंगलोर
मैच100
विकेट102
बेस्ट4 विकेट 17 रन देकर
रन बनाए117
बेस्ट स्कोर23
अंतिम मैच14 मई 2017

ज़हीर ख़ान का परिवार एवं पत्नी

ज़हीर ख़ान के पिता का नाम बख्तियार खान हैं, जो कि पेशे से फोटोग्राफर है। माता का नाम ज़किया ख़ान हैं, जो कि पेशे से एक अध्यापिका हैं। इनके अलावा दो भाई भी हैं, जिनका नाम जीशान खान और अनीस खान हैं। इन्होंने साल 2017 में शादी की थी।जहीर खान का पत्नी का नाम सागरिका घाटगे हैं, इनका 1 बच्चा है, जिसका नाम फतेहसिंह खान है।

जहीर खान की पत्नी सागरिका पेशे से भारतीय मॉडल और हिरोइन हैं। जहीर खान की शादी की डेट 23 नवंबर 2017 हैं, इस दिन दोनों वैवाहिक जीवन में बंध गए। अभी दोनों के एक बच्चा हैं।

नामजहीर खान
पिता का नामबख्तियार खान
माता का नामज़किया ख़ान
पत्नी का नामसागरिका घाटगे
धर्ममुस्लिम
भाईजीशान खान और अनीस खान
बच्चेफतेहसिंह खान

ज़हीर ख़ान के पुरस्कार और सम्मान

अपनी शानदार गेंदबाजी, बेहतरीन स्विंग और सटीक यॉर्कर के दम पर ज़हीर ने दुनिया के बड़े से बड़े बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

विडजन क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2008):

साल 2008 में ज़हीर ख़ान को क्रिकेट की बाइबिल कही जाने वाली पत्रिका विडजन द्वारा क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया था।

अर्जुन अवार्ड (2011):

भारत को साल 2011 का वनडे वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाने के बाद, भारत सरकार द्वारा उन्हें खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया।

पद्म श्री (2020):

साल 2020 में ज़हीर को भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म श्री (Padma Shri) से सम्मानित किया गया, जो उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

ज़हीर ख़ान की गेंदबाजी की रफ्तार (Zaheer Khan Bowling Speed)

ज़हीर ख़ान मुख्य रूप से अपनी सटीक लाइन-लेंथ, बेहतरीन स्विंग और चतुर गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी अधिकतम गति 146 से 147 किमी/घंटा दर्ज की गई थी, जो उन्होंने साल 2003 के वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप में हॉलैंड (नीदरलैंड) के खिलाफ फेंकी थी।

करियर की शुरुआत में वे लगातार तेज रफ्तार से गेंद डालते थे, लेकिन बाद में उन्होंने गति से ज्यादा अपनी स्विंग और कंट्रोल पर ध्यान दिया। वे आमतौर पर 130 से 140 किमी/घंटा की रफ़्तार से बेहद सटीक गेंदबाजी करते थे।

ज़हीर ख़ान की नेट वर्थ (Zaheer Khan Net Worth)

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज गेंदबाज ज़हीर ख़ान (Zaheer Khan) ने क्रिकेट और व्यवसाय की दुनिया में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। ज़हीर ख़ान की कुल संपत्ति (Net Worth) लगभग 205 करोड़ रुपये है।

उनकी अनुमानित कमाई 50 लाख रुपये/महीना से अधिक है, जबकि वार्षिक वे 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करते हैं। जहीर खान की इस मोटी कमाई का मुख्य जरिया विभिन्न क्रिकेट लीग्स (जैसे IPL में कोचिंग/मेंटरशिप), एंडोर्समेंट्स (ब्रांड प्रमोशन), बिजनेस इन्वेस्टमेंट्स और उनकी पर्सनल सैलरी है।

ज़हीर ख़ान से सम्बंधित मुख्य तथ्य और रिकार्ड्स

भारतीय टीम के मुख्य गेंदबाज रहे ज़हीर ख़ान से सम्बंधित रोचक तथ्य इस तरह हैं-

[1] जहीर खान को टेस्ट क्रिकेट में 5 बार “मैन ऑफ़ दी मैच” और 3 बार “मैन ऑफ़ दी सीरीज” अवार्ड मिला।

[2] ODI क्रिकेट में इनको 6 बार “मैन ऑफ़ दी मैच” और 1 बार “मैन ऑफ़ दी सीरीज” अवार्ड मिला हैं।

[3] IPL इतिहास का पहला विकेट लेने का रिकॉर्ड जहीर खान के नाम दर्ज हैं।

[4] टेस्ट मैच में साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ 11 वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 75 रन बनाए।

[5] इन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर 10 वें विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी की थी जो आज भी रिकॉर्ड है।

[6] अगर भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो टेस्ट मैचों में सबसे अधिक लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में Zaheer Khan पाँचवें नंबर पर हैं।

[7] एकदिवसीय मैचों में सबसे अधिक विकेट भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में जहीर चौथे नंबर पर हैं।

[8] “नकल बॉल” के आविष्कारक जहीर खान हैं।

[9] वर्ल्ड कप 2011 की विजेता टीम का हिस्सा रहे जहीर खान ने इस वर्ल्ड कप के 9 मैचों ने 21 विकेट लेकर पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।

[10] वर्ल्ड कप 2003 में भी जहीर खान सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में 4th नंबर पर थे।

क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाज सर जैक हॉब्स की जीवनी या दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर की जीवनी पढ़ना चाहते है, तो लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते है।