भारतीय क्रिकेट के इतिहास में घरेलु स्तर पर खेला वाला रणजी ट्रॉफी सबसे पुराना और प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी (First Class) क्रिकेट टूर्नामेंट है। अगर आप रणजी ट्रॉफी विजेता सूची खोज रहे है तो आपको बता दें कि इस टूर्नामेंट की शुरुआत साल 1934-35 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा की गई थी।
इस टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 4 नवंबर 1934 को मैसूर और मद्रास के बीच चेपौक स्टेडियम में खेला गया था। इसका नामकरण भारत के पहले इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेटर महाराजा रणजीत सिंह जी के नाम पर रखा गया है। रणजीत सिंह जी इंटरनेशनल स्तर पर कभी भारत के लिए नहीं खेले, बल्कि वे इंग्लैंड और ससेक्स के लिए खेलते थे।
क्रिकेट के खेल में उनके बेमिसाल योगदान के कारण उन्हें “भारतीय क्रिकेट का पिता” कहा जाता है।
प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत के राज्यों की टीमों के साथ-साथ रेलवे और सर्विसेज जैसे सरकारी विभागों की टीमें हिस्सा लेती है। इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके कोई भी खिलाड़ी भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह बना सकता है।
इस लेख में आपको साल 1934 से लेकर अब तक की पूरी रणजी ट्रॉफी विजेता सूची, इसका स्वर्णिम इतिहास और इससे जुड़े कई रिकार्ड्स की प्रामाणिक जानकारी मिलेगी।
रणजी ट्रॉफी किससे सम्बंधित हैं?
रणजी ट्रॉफी का सम्बन्ध क्रिकेट से है। यह भारत की सबसे बड़ी प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता है। इस टूर्नामेंट के नियम अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से थोड़े अलग होते हैं। रणजी ट्रॉफी के नियम इस प्रकार हैं-
मैच की अवधि- इसमें ग्रुप स्टेज के मुकाबले 4 दिनों के होते हैं, जबकि नॉकआउट मुकाबले जैसे क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मैच 5 दिनों की अवधि के खेले जाते है।
पारी (Innings)- इसके मैच पूरी तरह से टेस्ट फॉर्मेट (अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की तरह) की तरह 2-2 पारियों का होता है।
ड्रॉ का नियम- यदि कोई मैच ड्रॉ हो जाता है, तो पहली पारी में बढ़त लेनी वाली टीम को विजेता माना जाता है।
रणजी ट्रॉफी का गौरवशाली इतिहास (Ranji Trophy History)
जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा, रणजी ट्रॉफी का इतिहास लगभग 92 साल पुराना हैं। इसकी शुरुआत के समय शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि आगे चलकर यह भारत के सबसे बड़े घरेलु टूर्नामेंट का रूप ले लेगी।
आज भारत में विजय हजारे ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी, वीनू माकंड ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट खेले जाते हैं, लेकिन लोकप्रियता के मामले में रणजी ट्रॉफी का इतिहास सबसे ऊपर गवाह है।
वर्तमान समय में भारत का हर युवा खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी खेलने का सपना देखता है, क्योंकि टीम इंडिया में जगह बनाने का यह सबसे मजबूत प्लेटफॉर्म माना जाता है।
आप इस ट्रॉफी का संक्षिप्त परिचय नीचे दी गई टेबल के माध्यम से आसानी से समझ सकते है-
| विवरण | जानकारी |
| प्रतियोगिता का नाम | रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) |
| प्रशासक | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) |
| देश | भारत |
| स्वरुप | प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता |
| शुरुआत | वर्ष 1934-35 |
| नामकरण | रणजीत सिंह (जामनगर के राजा (1907-1933) |
| प्रथम रणजी मैच | 4 नवंबर 1934 (मैसूर बनाम मद्रास) |
| रणजी ट्रॉफी कौन करवाता हैं | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) |
| कौन भाग लेता हैं | सभी क्षेत्रीय टीमें और सरकारी डिपार्टमेंट की टीम्स |
| रणजी ट्रॉफी किससे सम्बंधित हैं | क्रिकेट |
| सबसे ज्यादा बार विजेता | मुंबई (बॉम्बे) 42 बार |
| योग्यता | ईरानी कप |
| सबसे ज्यादा रन | वसीम जाफ़र (12038 रन) |
| सबसे ज्यादा विकेट | राजिंदर गोयल (640 विकेट) |
रणजी ट्रॉफी विजेता सूची (Ranji Trophy Winners List)
रणजी ट्रॉफी के इतिहास में अब तक कई टीमों ने इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम किया है, जिसमें मुंबई की टीम का दबदबा रहा है। नीचे दी गई रणजी ट्रॉफी विजेता सूची (Rnaji Trophy Winners List) में हमने साल 1934 से लेकर अब तक के सभी सीजनों के विजेता (Winners) और उपविजेता टीमों की पूरी जानकारी दी है-
| सत्र (Season) | विजेता (Winner) | उपविजेता (Runner-Up) |
| 1934-35 | बॉम्बे | नॉर्थेर्न इंडिया |
| 1935-36 | बॉम्बे | मद्रास |
| 1936-37 | नवानगर | बंगाल |
| 1937-38 | हैदराबाद | नवानगर |
| 1938-39 | बंगाल | साउथर्न पंजाब |
| 1939-40 | महाराष्ट्र | यूनाइटेड प्रॉविन्सेस |
| 1940-41 | महाराष्ट्र | मद्रास |
| 1941-42 | बॉम्बे | मैसूर |
| 1942-43 | बड़ौदा | हैदराबाद |
| 1943-44 | वेस्टर्न इंडिया | बंगाल |
| 1944-45 | बॉम्बे | होल्कर |
| 1945-46 | होल्कर | बड़ौदा |
| 1946-47 | बड़ौदा | होल्कर |
| 1947-48 | होल्कर | बॉम्बे |
| 1948-49 | बॉम्बे | बड़ौदा |
| 1949-50 | बड़ौदा | होल्कर |
| 1950-51 | होल्कर | गुजरात |
| 1951-52 | बॉम्बे | होल्कर |
| 1952-53 | होल्कर | बंगाल |
| 1953-54 | बॉम्बे | होल्कर |
| 1954-55 | मद्रास | होल्कर |
| 1955-56 | बॉम्बे | बंगाल |
| 1956-57 | बॉम्बे | सर्विसेस |
| 1957-58 | बड़ौदा | सर्विसेस |
| 1958-59 | बॉम्बे | बंगाल |
| 1959-60 | बॉम्बे | मैसूर |
| 1960-61 | बॉम्बे | राजस्थान |
| 1961-62 | बॉम्बे | राजस्थान |
| 1962-63 | बॉम्बे | राजस्थान |
| 1963-64 | बॉम्बे | राजस्थान |
| 1964-65 | बॉम्बे | हैदराबाद |
| 1965-66 | बॉम्बे | राजस्थान |
| 1966-67 | बॉम्बे | राजस्थान |
| 1967-68 | बॉम्बे | मद्रास |
| 1968-69 | बॉम्बे | बंगाल |
| 1969-70 | बॉम्बे | राजस्थान |
| 1970-71 | बॉम्बे | महाराष्ट्र |
| 1971-72 | बॉम्बे | बंगाल |
| 1972-73 | बॉम्बे | तमिलनाडु |
| 1973-74 | कर्नाटक | राजस्थान |
| 1974-75 | बॉम्बे | कर्नाटक |
| 1975-76 | बॉम्बे | बिहार |
| 1976-77 | बॉम्बे | दिल्ली |
| 1977-78 | कर्नाटक | उत्तरप्रदेश |
| 1978-79 | दिल्ली | कर्नाटक |
| 1979-80 | दिल्ली | बॉम्बे |
| 1980-81 | बॉम्बे | दिल्ली |
| 1981-82 | दिल्ली | कर्नाटक |
| 1982-83 | कर्नाटक | बॉम्बे |
| 1983-84 | बॉम्बे | दिल्ली |
| 1984-85 | बॉम्बे | दिल्ली |
| 1985-86 | दिल्ली | हरयाणा |
| 1986-87 | हैदराबाद | दिल्ली |
| 1987-88 | तमिलनाडु | रेलवेज |
| 1988-89 | दिल्ली | बंगाल |
| 1989-90 | बंगाल | दिल्ली |
| 1990-91 | हरयाणा | बॉम्बे |
| 1991-92 | दिल्ली | तमिलनाडु |
| 1992-93 | पंजाब | महाराष्ट्र |
| 1993-94 | बॉम्बे | बंगाल |
| 1994-95 | बॉम्बे | पंजाब |
| 1995-96 | कर्नाटक | तमिलनाडु |
| 1996-97 | मुंबई | दिल्ली |
| 1997-98 | कर्नाटक | उत्तरप्रदेश |
| 1998-99 | कर्नाटक | मध्यप्रदेश |
| 1999-00 | मुंबई | हैदराबाद |
| 2000-01 | बड़ौदा | रेलवेज |
| 2001-02 | रेलवेज | बड़ौदा |
| 2002-03 | मुंबई | तमिलनाडु |
| 2003-04 | मुंबई | तमिलनाडु |
| 2004-05 | रेलवेज | पंजाब |
| 2005-06 | उत्तर प्रदेश | बंगाल |
| 2006-07 | मुंबई | बंगाल |
| 2007-08 | दिल्ली | उत्तरप्रदेश |
| 2008-09 | मुंबई | उत्तरप्रदेश |
| 2009-10 | मुंबई | कर्नाटक |
| 2010-11 | राजस्थान | बड़ौदा |
| 2011-12 | राजस्थान | तमिलनाडु |
| 2012-13 | मुंबई | सौराष्ट्र |
| 2013-14 | कर्नाटक | महाराष्ट्र |
| 2014-15 | कर्नाटक | तमिलनाडु |
| 2015-16 | मुंबई | सौराष्ट्र |
| 2016-17 | गुजरात | मुंबई |
| 2017-18 | विदर्भ | दिल्ली |
| 2018-19 | विदर्भ | सौराष्ट्र |
| 2019-20 | सौराष्ट्र | बंगाल |
| 2020-21 | आयोजन नहीं (Covid-19) | – |
| 2021-22 | मध्यप्रदेश | मुंबई |
| 2022-23 | सौराष्ट्र | बंगाल |
| 2023-24 | मुंबई | विदर्भ |
| 2024-25 | विदर्भ | केरल |
| 2025-26 | जम्मू एंड कश्मीर | कर्नाटक |
रणजी ट्रॉफी से सम्बंधित मुख्य रिकार्ड्स
रणजी ट्रॉफी से संबधित रिकार्ड्स निम्नलिखित हैं-
- यह टूर्नामेंट सबसे अधिक बार मुंबई (बॉम्बे) ने 42 बार जीता हैं।
- एक टीम द्वारा बनाया गया अधिकतम स्कोर हैदराबाद का 944/6 घोषित हैं, जो साल 1993-94 में हैदराबाद बनाम आंध्रप्रदेश मैच में बने थे।
- रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट इतिहास का सबसे कम स्कोर भी हैदराबाद का 21 रन हैं, जो उसने साल 2010 में राजस्थान के खिलाफ बनाया था।
- किसी खिलाड़ी द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 443* रन हैं जो साल 1948-49 में महाराष्ट्र के बी.बी. निम्बालकर द्वारा काठियावाड़ के खिलाफ बनाया गया।
- इस टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी बंगाल के प्रेमंगसु चटर्जी ने की थी। उन्होंने साल 1956-57 में आसाम के खिलाफ एक पारी में 20 रन देकर सभी 10 विकेट झटके थे। राजस्थान के प्रदीप सुंदरम भी 78 रन देकर 10 विकेट झटके चुके है।
- एक मैच में सबसे अच्छी गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम हैं। कुंबले ने एक मैच में 99 रन देकर 16 विकेट झटके थे। उन्होंने यह कारनामा कर्नाटक की ओर से खेलते हुए साल 1994-95 में किया था।
- रणजी ट्रॉफी के एक सत्र में सबसे अधिक रन बनाने के रिकॉर्ड वी.वी.एस. लक्ष्मण के नाम हैं। लक्ष्मण साल 1999-00 में हैदराबाद की ओर से खेलते हुए इस सत्र में 1415 रन बनाए थे।
- एक सत्र में सबसे अधिक शतक भी वी.वी.एस. लक्ष्मण के नाम हैं। इन्होंने साल 1999-00 में 8 शतक जड़े थे।
- एक सत्र में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड आशुतोष अमन (बिहार) के नाम हैं. इन्होंने सत्र 2018-19 में 68 विकेट हासिल किए थे। जयदेव उनादकट के नाम भी 67 विकेट हैं जो उन्होंने 2019-20 में हासिल किए थे।
- रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाला खिलाड़ी वसीम जाफर हैं। जाफर ने कुल 12038 रन बनाए हैं। उनके बाद अमोल मजूमदार का नाम आता हैं, जिन्होंने 9205 रन बनाए हैं।
- सबसे अधिक 40 शतक भी वसीम जाफर के नाम हैं।
- सबसे अधिक विकेट का रिकॉर्ड राजिंदर गोयल के नाम हैं, गोयल ने 640 विकेट हासिल किए हैं।
- रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे अधिक पार्टनरशिप साल 2016-17 में स्वप्निल गूगले और अंकित बावने के बिच 594* रन की रही (3rd विकेट के लिए).
- साल 2025-26 में जम्मू एंड कश्मीर ने कर्नाटक को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती।
रणजी ट्रॉफी आगामी सीजन 2026-27 का शेड्यूल (Ranji Trophy 2026-27)
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने रणजी ट्रॉफी के आगामी सीजन 2026-27 के आधिकारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह टूर्नामेंट दो फेज में खेला जाएगा।
आगाज- रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन का आगाज 11 अक्टूबर 2026 से होने जा रहा है, जो 3 मार्च 2027 तक खेला जाएगा।
दो फेज में मुकाबले-
फेज 1 की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 5 नवम्बर 2026 तक चलेगा। इसके बीच में सैयद मुश्ताक अली (टी-20) और विजय हजारे (वनडे) जैसे सफेद बॉल टूर्नामेंट खेले जाएंगे।
फेज 2 की शुरुआत 17 जनवरी 2027 से होगी, जिसमें नॉकआउट और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।
टीम्स और ग्रुप- इस सीजन में भी एलिट (Elite) डिवीजन में कुल 32 टीमों को चार अलग-अलग ग्रुपों में बांटा गया हैं, जबकि प्लेट (plate) डिवीजन में 6 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी।
सवाल-जवाब
रणजी ट्रॉफी का सम्बन्ध किस खेल से हैं?
जवाब- रणजी ट्रॉफी का सम्बन्ध क्रिकेट से है। यह भारत की सबसे बड़ी और लोकप्रिय घरेलु प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता है।
रणजी ट्रॉफी का इतिहास कितने वर्ष पुराना है और यह कब शुरू हुई थी?
जवाब- रणजी ट्रॉफी का इतिहास लगभग 92 वर्ष पुराना है। इसकी शुरुआत बीसीसीआई द्वारा साल 1934-35 में की गई थी और इतिहास का पहला रणजी मैच 4 नवम्बर 1934 को खेला गया था।
रणजी ट्रॉफी का नाम किसके नाम पर रखा गया?
जवाब- इस ट्रॉफी का नाम भारत के प्रथम इंटरनेशनल क्रिकेटर महाराजा रणजीत सिंह जी (जामनगर के जाम साहब) के सम्मान में “रणजी ट्रॉफी” रखा गया।
रणजी ट्रॉफी सबसे ज्यादा बार किस टीम ने जीती है?
जवाब- मुंबई ने 42 बार यह खिताब जीता है।
रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे अधिक और विकेट का रिकॉर्ड किसके नाम है?
जवाब- रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वसीम जाफर (12038) के नाम है, और सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड महान गेंदबाज राजिंदर गोयल (640) के नाम दर्ज है।