युवराज सिंह जीवनी (Yuvraj Singh Biography), क्रिकेट करियर और आंकड़े

युवराज सिंह (YUvraj Singh) भारतीय क्रिकेट के वो महा-नायक हैं, जिन्होंने ऑलराउंडर प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया के लिए T20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 में जीत की नींव रखी। मैदान पर छक्के उड़ाकर और कैंसर से जंग जीतकर करोड़ो दिलों को अपना मुरीद बनाया।

युवराज एक इंटरनेशनल क्रिकेटर है, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट, वनडे और टी-20 क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनका जन्म 12 दिसंबर 1981 को पंजाब के चंडीगढ़ में हुआ था। इनका टीम इंडिया में डेब्यू (ODI) 3 अक्टूबर 2000 को केन्या के खिलाफ नैरोबी में हुआ था।

युवराज सिंह क्लीन हिटिंग और शार्प बोलिंग के साथ-साथ विश्वस्तरीय फील्डर थे। टी-20 वर्ल्ड कप 2007 में स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के लगाना हो या ओडीआई वर्ल्ड कप 2011 में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने के बाद भी “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” रहना, क्रिकेट के प्रति उनके जूनून और जज्बे की मिशाल है।

इस लेख में आप युवराज सिंह का जीवन परिचय, उनका क्रिकेट करियर, कैंसर जैसी बीमारी से संघर्ष कर जीत और टीम इंडिया में डेब्यू से लेकर विश्व विजेता बनाने के सफर को शब्दों में बयां किया गया है।

युवराज सिंह जीवनी (Yuvraj Singh Biography In Hindi)

पूरा नामयुवराज सिंह भुंडेल (Yuvraj Singh)
जन्म स्थानचंडीगढ़, पंजाब
जन्म तिथि12 दिसंबर 1981
पिता का नामयोगराज सिंह (पूर्व इंडियन क्रिकेटर)
माता का नामशबनम सिंह
लम्बाई (Height)6 फीट 1 इंच (185 सेमी)
भाई का नामजोरावर सिंह (अभिनेता)
पत्नी का नामहेजल कीच (अभिनेत्री)
बैटिंग स्टाइललेफ्ट हैंड बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइलस्लो लेफ्ट आर्म
इंटरनेशनल डेब्यू (वनडे)3 अक्टूबर 2000 (बनाम केन्या)
इंटरनेशनल टेस्ट डेब्यू16 अक्टूबर 2003, बनाम न्यूजलैंड
इंटरनेशनल टी-20 डेब्यू13 सितंबर 2007 बनाम स्कॉटलैंड
धर्मसिख
लास्ट इंटरनेशनल मैच30 जून 2017 बनाम वेस्टइंडीज (ODI)

बचपन में किसी को पता नहीं होता हैं कि जीवन आपको किस तरफ लेकर जाएगा। युवराज सिंह को बचपन में टेनिस और रोलर स्केटिंग जैसे खेल बेहद पसंद थे। इन्होंने नेशनल अंडर-14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप जीती। इस तरह के खेलों में युवराज की रूचि से इनके पिता बिल्कुल भी खुश नहीं थे।

योगराज सिंह अपने बेटे को क्रिकेटर (तेज गेंदबाज) बनाना चाहते थे। युवराज ने एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर 2 फिल्मों में भी काम किया था। “मेहंदी सगण दी” और “पट-सरदार” नामक इन फिल्मों में उन्होंने काम किया है।

इनकी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ के देव (DAV) पब्लिक स्कूल में हुई थी। जब युवराज मात्र 10-11 वर्ष के थे, तब इनके माता पिता का तलाक हो गया और वे अपनी माता शबनम के साथ रहने लगे।

तलाक के बाद इनका जीवन इनकी माता शबनम के साथ बिता लेकिन इनके पिता क्रिकेट की ट्रेनिंग देते रहे।

योगराज सिंह अपने बेटे को इंटरनेशनल लेवल का क्रिकेटर बनाने के लिए बेहद सख्त और कड़े नियमों के साथ ट्रेनिंग देते थे। युवराज सिंह को जल्दी उठाया जाता था। घंटों तक धुप में रनिंग, फिटनेस और फील्डिंग की प्रैक्टिस करवाई जाती थी।

इनके पिता सीमेंट की विकेट पर गीली गेंदों और भारी गेंदों से बल्लेबाजी करवाते थे, ताकि बेटा तेज रफ्तार और बाउंसरों का आसानी से सामना कर सके। अगर प्रैक्टिस के दौरान युवराज कोई गलती करते या थककर ढीले पड़ते, तो योगराज बेहद गुस्सा हो जाते थे।

योगराज सिंह में युवराज के स्केटिंग शूज और मेडल को फेंक दिए थे और कहा कि ये सब क्रिकेट में करके दिखा। इसके पीछे यह वजह थी कि उनका पूरा ध्यान क्रिकेट पर रहे। उनके पिता का मानना था कि जब तक ट्रेनिंग में पसीना और खून नहीं बहेगा, तब तक कोई खिलाड़ी दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाएगा।

पिता की इस मेहनत का नतीजा युवराज सिंह की जीवनी में दिखाई देता है।

युवराज सिंह का क्रिकेट करियर (Yuvraj Singh Cricket Career)

युवराज सिंह टीम इंडिया के “अल्टीमेट मैच विनर” थे। इनका नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक ऐसे योद्धा के रूप में दर्ज है, जिनमें विस्फोटक बल्लेबाजी, सटीक स्पिन गेंदबाजी और असाधारण फील्डिंग से मैच का रुख बदलने की काबिलियत थी।

2000 के दशक की शुरुआत में जब इंडियन क्रिकेट एक नए दौर की शुरुआत कर रहा था, तब युवराज सिंह मैच विनर के रूप में उभरे। यह उनके पिता के कड़े अनुशासन का ही परिणाम था की उन्होंने अनुशासन से इंटरनेशनल स्तर पर अपनी पहचान बनाई। बचपन में रोलर स्केटिंग में गोल्ड मैडल जीतने के बावजूद, उनके पिता ने उन्हें सिर्फ क्रकेट पर ध्यान देने को कहा।

15 साल की उम्र में लोकल ट्रैन में भारी किटबैग उठाकर सफर करने से लेकर 18 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की धज्जियां उड़ाने तक, उनका प्रारंभिक सफर आसान नहीं था।

कड़े परिश्रम, लगातार मेहनत और कठिन अनुशासन के परिणामस्वरुप युवराज सिंह का वनडे क्रिकेट (ODI Cricket) और टी-20 क्रिकेट में असली रंग देखने को मिला। साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित प्रथम टी-20 में उन्होंने इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के जड़कर इतिहास रच दिया।

साल 2011 में भारत में वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप में 362 रन, 15 विकेट और 4 मैन “ऑफ द मैच अवार्ड्स” के साथ “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” जीतकर भारत को 28 सालों बाद (1983 में भारत ने कपिल देव की कप्तानी में पहला वनडे वर्ल्ड कप जीता था) विश्व विजेता बनाया था।

युवराज सिंह 2011 का वर्ल्ड कप पेट पर कपड़ा बांधकर खेला और एक मैच के दौरान उल्टी भी हो गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2011 विश्व कप के बाद युवराज सिंह को ‘जर्म सेल कैंसर‘ हो गया। अमेरिका में उनका लगभग 3 महीने इलाज चला। कठिन कीमोथेरेपी इलाज के बाद उन्होंने बीमारी को हराते हुए, साल 2012 में मैदान पर वापसी की।

सिमित ओवरों में उनका दबदबा रहा लेकिन टेस्ट क्रिकेट में स्विंग और स्पिन के सामने उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा। इसके बावजूद लाहौर और चेन्नई में उनकी जुझारू पारियां आज भी यादगार है।

आईपीएल (IPL) में भी वे फ्रेंचाइजियों की पहली पसंद रहे और साल 2014 से 2016 के बीच बड़ी कीमत मिली।

तमाम मुश्किलों और फार्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद, युवराज सिंह का करियर इस बात का गवाह है कि सच्चा विजेता वही है जो हर बाधा को पार कर जीत हासिल करे और इसका सबसे बड़ा उदाहरण है युवराज सिंह।

सचिन तेंदुलकर के बाद भारत को विराट कोहली जैसा बल्लेबाज मिला और वीरेंद्र सहवाग के बाद रोहित शर्मा जैसा विस्फोटक ओपनर मिला लेकिन आज तक भारत को युवराज सिंह नहीं मिला, क्योंकि युवराज शताब्दियों में एक ही पैदा होता है।

युवराज सिंह का जीवन परिचय क्रिकेट करियर और आंकड़ों से कही अधिक है।

युवराज सिंह घरेलू क्रिकेट (Yuvraj Singh In Domestic Cricket)

बल्लेबाजी (Batting)

श्रेणीमैचरनऔसतउच्च स्कोर
फर्स्ट क्लास139896544.16260
लिस्ट ए4231266337.91172
टी-20231485725.6983

गेंदबाजी (Bowling)

श्रेणीमैचविकेटबेस्ट
फर्स्ट क्लास139315/94
लिस्ट ए4231665/31
टी-20231804/29

युवराज ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी) में पंजाब के लिए खेलता हुए ओडिशा के खिलाफ 7 फरवरी 1997 के दिन डेब्यू किया था। जबकि लिस्ट ए क्रिकेट में इनका डेब्यू 1999-2000 में हुआ था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट (First Class Cricket) में इनके नाम 44.16 के औसत से 8965 रन और 31 विकेट शामिल है।

वही लिस्ट ए क्रिकेट में 12663 रन और 166 विकेट शामिल है। इंटरनेशनल क्रिकेट करियर की तरह इनका डोमेस्टिक क्रिकेट करियर भी शानदार रहा।

युवराज सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट करियर (Yuvraj Singh International Cricket Career)

युवराज सिंह ने वनडे, टेस्ट और टी20 तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वाइट बॉल क्रिकेट में युवराज सिंह का रुतबा था, टी20 से लेकर वनडे तक उनके क्रिकेट आंकड़े इस बात के गवाह है। हर मैच में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग सभी क्षेत्रों में युवराज अपना 100 प्रतिशत देने के लिए जाने जाते है।

बड़ी टीम्स और बड़े मैचों में अक्सर इनका जलवा था। ये भारत के सबसे बड़े मैच विनर थे।

वनडे क्रिकेट करियर और आंकड़े (Odi Cricket Career and Stats)

युवराज ने भारत के लिए 304 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले। इन्होंने 36.55 के औसत से 8701 रन बनाए। ओडीआई क्रिकेट में इनके नाम 14 शतक और 52 अर्धशतक है। इस दौरान इंग्लैंड के खिलाफ 19 जनवरी 2017 को कटक के बारामती स्टेडियम में बनाए 150 रन इनका उच्चतम स्कोर है।

इतना ही नहीं वनडे क्रिकेट में इनके नाम 111 विकेट दर्ज है। गेंदबाजी में इनके बेस्ट फिगर 5/31 है।

वनडे क्रिकेट में युवराज के आंकड़े निचे टेबल में दिए गए है-

बल्लेबाजी (Batting)

मैचरनऔसतबेस्ट50s100s
304870136.551505214

गेंदबाजी (Bowling)

मैचविकेटबेस्ट
3041115/31

टेस्ट क्रिकेट करियर और आंकड़े (Test Cricket Career and Stats)

इन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में इनके नाम 1900 रन, 3 शतक और 11 अर्धशतक दर्ज है। हालाँकि इनको टेस्ट क्रिकेट में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। इनके समय में भारत में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज थे।

टेस्ट क्रिकेट में इनके आंकड़े निचे टेबल में दिए गए है-

गेंदबाजी (Bowling)

मैचविकेटबेस्ट
4092/9

बल्लेबाजी (Batting)

मैचरनऔसतबेस्ट50s100s
40190033.921691103

टी-20 क्रिकेट करियर और आंकड़े (T20 Cricket Career and Stats)

युवराज सिंह ने भारत के लिए 58 टी20 इन्टेरशनल मैच खेले, जिसमें उन्होंने 136.38 के आक्रामक स्ट्राइक रेट से कुल 1177 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 8 अर्धशतक निकले। युवराज ने अपने इंटरनेशनल टी20 करियर का डेब्यू 13 सितम्बर 2007 को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित T20 वर्ल्ड कप में किया था।

युवराज जैसे महान खिलाड़ी के नाम टी20 इंटरनेशनल में एक भी शतक नहीं है।

मैचरनऔसतबेस्ट50sविकेट लिए
58117728.0277*0828

आईपीएल करियर और आंकड़े (IPL Career and Stats)

युवराज इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अलग-अलग 6 टीमों का प्रतिनिधित्व किया था। आईपीएल नीलामी में युवराज की सबसे बड़ी बोली (Highest Bid) साल 2015 में ₹16 करोड़ लगी थी, यह बोली दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने लगाई थी। इससे पहले साल 2014 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने इनको ₹14 करोड़ में खरीदा था।

युवराज की आईपीएल टीम्स-

किंग्स 11 पंजाब2008-2010, 2018
पुणे वारियर्स इंडिया2011-2013
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर2014
दिल्ली डेयरडेविल्स2015
सनराइजर्स हैदराबाद2016-2017
मुंबई इंडियंस 2019

साल 2012 में बीमारी के चलते वो आईपीएल सीजन में भाग नहीं ले पाए थे।

आईपीएल में युवराज सिंह का प्रदर्शन (Yuvraj Singh IPL Stats)

मैचरनऔसतबेस्ट50sविकेट
132275024.77831336

यादगार पारियां (Best Innings)

यहाँ पर युवराज सिंह द्वारा वनडे और टी20 में खेली गई बेस्ट पारियों का संक्षिप्त में विवरण है-

वनडे क्रिकेट में बेस्ट पारियां

150 रन बनाम इंग्लैंड, कटक (2017)

युवराज सिंह का वनडे क्रिकेट में बेस्ट स्कोर 150 रन है। यह पारी उस समय आई जब भारत ने 25 रन के स्कोर पर 3 विकेट गंवा दिए थे। तब युवराज और भारतीय कप्तानी धोनी (134) ने मिलकर 256 रनों की साझेदारी की, इस पारी में उन्होंने 127 गेंदों में 21 चौके और 3 छक्के लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी।

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 381 रन बनाए लेकिन यह मैच मात्र 15 रन से जीता। युवराज सिंह को “मैन ऑफ द मैच” चुना गया। यह मैच युवराज सिंह की जीवनी का अहम भाग है।

69 रन बनाम इंग्लैंड, नेटवेस्ट सीरीज, लॉर्ड्स (2002)

इनके द्वारा खेली गई यह पारी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे शानदार पारियों में से एक है। जब 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 146 रन के स्कोर पर 5 विकेट खो दिए थे, तब युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने मोर्चा संभाला। इस मैच में 20 वर्षीय युवराज ने कैफ के साथ 121 रनों की साझेदारी की थी।

कैफ की शानदार पारी के दम पर भारत यह मुकाबला जीत गया, यह वही मैच था जिसमें भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में टी-शर्ट उतारकर जश्न मनाया था।

57* रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, अहमदाबाद (क्वार्टर फाइनल 2011 विश्व कप)

युवराज सिंह की इस बेहतरीन पारी ने भारत का वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूटने से बचाया था। ऑस्ट्रेलिया के 261 रनों के जवाब में जब टीम इंडिया ने 187 पर 5 विकेट खो कर संकट में थी। युवराज संकट मोचक बनकर आए और सुरेश रैना के साथ मिलकर टीम को सेमीफाइनल में पहुँचाया।

113 रन बनाम वेस्टइंडीज, चेन्नई (2011 विश्व कप)

यह वही मैच था, जिसमें युवराज सिंह ने खून की उल्टियां की थी लेकिन उन्होंने क्रीज नहीं छोड़ी। विपरीत परिस्थियों में उन्होंने यार पारी खेली और इसके बाद ही उनकी बीमारी का पता चला।

84 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, नैरोबी (2000 आईसीसी नॉकआउट)

यह युवराज सिंह के करियर का दूसरा मैच था। मात्र 18 वर्षीय युवराज ने इस मैच ब्रेट ली, जेसन गिलेस्पी और ग्लेन मैक्ग्राथ जैसे गेंदबाजों के सामने बिना डरे 80 गेंदों पर 84 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

भारत ने यह मैच जीता और ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।

टी20 क्रिकेट में युवराज की यादगार पारियां

युवराज सिंह के जीवन परिचय में वाइट बॉल क्रिकेट का सबसे अहम रोल है। उन्होंने Odi क्रिकेट के अलावा टी20 क्रिकेट में भी अपना जलवा दिखाया और कई ऐतिहासिक पारियां खेली, उनमें से कुछ का विवरण इस तरह है-

58 रन बनाम इंग्लैंड, डरबन (2007 विश्व कप)

यह उनके करियर की सबसे बेहतरीन और विस्फोटक पारियों में से एक थी। इस मैच में उनकी एंड्र्यू फ्लिंटॉफ से बहस हुई और बाद उनका रौद्र रूप देखने को मिला। इस मैच में युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में लगातार 6 छक्के लगातार इतिहास रच दिया।

इस मैच में उन्होंने मात्र 12 बॉल पर 50 रन बना लिए थे। उनके द्वारा खेली गई 16 गेंदों पर 58 रनों की पारी भारत के लिए जीत लेकर आई।

70 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, डरबन (2007 विश्व कप सेमीफाइनल)

6 छक्कों वाली पारी के कुछ दिन बाद, इसी मैदान पर सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से हुआ। इस मैच में युवराज सिंह ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी। भारत ने पॉवरप्ले में सस्ते में अपने दोनों ओपनर गंवा दिए।

युवराज ने मिचेल जॉनसन और ब्रेट ली जैसे गेंदबाजों के सामने मात्र 30 बॉल पर 5 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 70 रन बनाए। इस पारी के दम पर भारत फाइनल में पहुँचा।

60* बनाम ऑस्ट्रेलिया, ढ़ाका (2014 विश्व कप)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवराज सिंह का बल्ला हमेशा गरजता था, यह पारी भी इसकी एक मिसाल थी। टीम इंडिया के 4 विकेट गए चुके थे और धीमी गति से रन बन रहे थे। युवराज से आखिरी ओवर्स में तेज गति से रन बनाए और 43 बॉल पर 60* रनों की पारी खेली।

भारत ने यह मैच 73 रनों के विशाल अंतर से जीता।

77* बनाम ऑस्ट्रेलिया, राजकोट (2013)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए इस एकमात्र टी20 मुकाबले में युवराज सिंह ने अपना रौद्र रूप दिखाया। एक समय टीम इंडिया 100 रन के स्कोर पर 4 विकेट गंवा दिए थे लेकिन युवराज सिंह ने धोनी के साथ मिलकर टीम को संभाला। इस मैच में युवराज ने 35 गेंदों में 8 चौके और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 77 रन बनाकर 2 गेंद शेष रहते टीम इंडिया को जीत दिलाई।

युवराज बड़ी टीमों खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमेशा दमदार प्रदर्शन करते थे

युवराज सिंह प्रेम कहानी और विवाह

युवराज सिंह का नाम कई हसीनाओं के साथ जुड़ा जिनमें किम शर्मा, दीपिका पादुकोण, रिया सेन, नेहा धूपिया और प्रीती जिंटा का नाम प्रमुख है। इनमें से कुछ के साथ उनका अफेयर था जबकि कुछ अफवाह।

युवराज सिंह की असली प्रेम कहानी का मुख्य किरदार है, उनकी पत्नी हेजल कीच। युवराज सिंह और हेजल कीच की प्रेम कहानी (Yuvraj Singh Love Story) की शुरुआत साल 2011 में हुई थी। उनकी पहली मुलाकात 2011 में एक दोस्त की जन्मदिन पार्टी में हुई थी। युवराज को हेजल पहली नजर में ही पसंद आ गई।

युवराज ने हेजल को कई बार कॉफी डेट के लिए भी पूछा, लेकिन हेजल हर बार “हाँ” कहने के बाद डेट के दिन अपना फोन बंद कर लेती। यह दौर लगभग 3 साल तक चला।

आखिरकार युवराज सिंह ने फेसबुक पर हेजल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। हेजल ने कुछ समय बाद रिक्वेस्ट स्वीकार की और बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहरी हो गई। नवंबर 2015 में युवराज से बाली (इंडोनेशिया) में हेजल के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे हेजल ने स्वीकार कर लिया।

30 नवंबर 2016 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए। दोनों ने चंडीगढ़ में सिख रीती-रिवाज (आनंद कारज) से शादी की। इसके बाद गोवा में हिन्दू रीती-रिवाज से भी शादी का भव्य आयोजन रखा, जिसमें क्रिकेट और बॉलीवुड के कई मशहूर हस्तियाँ शामिल हुई।

शादी के बाद हेजल ने अपना नाम बदलकर ‘गुरबसंत कौर’ रख लिया था। आज युवराज सिंह और हेजल दो बच्चों के माता-पिता हैं।

युवराज सिंह नेटवर्थ (Yuvraj Singh Networth)

युवराज सिंह की नेटवर्थ (Net Worth) लगभग ₹290 करोड़ से लेकर ₹320 करोड़ है। इनकी कमाई में आईपीएल, ब्रांड एंडोर्समेंट ,बिज़नेस और स्टार्टअप्स मुख्य है। मुंबई में उनके पास आलीशान अपार्टमेंट और चंडीगढ़ में भव्य विला है।

युवराज सिंह का जीवन परिचय या जीवनी (Yuvraj Singh Biography In Hindi) उनके संघर्ष और काबिलियत की वो कहानी है जिसको उन्होंने अपने जोश और जूनून के दम पर एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया, जहाँ से वो हर युवा क्रिकेटर और अन्य लोगों के लिए प्रेणादायक बन गए।

भारतीय क्रिकेट में युवराज सिंह जिस मुकाम के हकदार थे वो नहीं मिला।

अगर आप जहीर खान का जीवन परिचय पढ़ना चाहते हैं, तो लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हो।