टेनिस बॉल क्रिकेट के नियम और खेलने का सही तरीका।

भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक इमोशन है। यही वजह है कि टेनिस बॉल क्रिकेट भारत की हर गली और मोहल्ले में खेला जाता है। टेनिस बॉल क्रिकेट के नियम जानना इसलिए भी जरुरी है कि हमारे देश में लेदर बॉल या अन्य किसी बॉल के मुकाबले टेनिस बॉल का दबदबा है। क्रिकेट का असली मजा स्टेडियम से ज्यादा हमारी गलियों और लोकल ग्राउंड्स पर आता है।

प्रोफेशनल टेनिस टूर्नामेंट और गल्ली क्रिकेट में टेनिस बॉल खेलने का सही तरीका और टेनिस बॉल क्रिकेट के नियम जानना जरुरी होता है। टेनिस बॉल क्रिकेट के नियम बेहद सरल और लचीले होते है।

स्थानीय या क्षेत्रीय आधार पर इनमें बदलाव हो सकता है, लेकिन ये नियम भारत के अलग-अलग राज्यों (राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश) के बड़े टेनिस टूर्नामेंट्स पर आधारित हैं।

Tennis Ball Cricket Rules और खेलने का सही तरीका ही इस खेल का मुख्य आधार है। इस लेख में प्रोफेशनल टेनिस क्रिकेट के सम्बन्ध में पूरी जानकारी दी गई है।

टेनिस बॉल क्रिकेट क्या है और यह लोकप्रिय क्यों है?

टेनिस बॉल क्रिकेट, लेदर बॉल क्रिकेट का एक ऐसा रूप है जिसे कम खर्च और बिना किसी सेफ्टी गियर (जैसे हेलमेट, पैड, ग्लव्स आदि) के खेला जा सकता है। लेदर बॉल की तुलना में टेनिस बॉल वजन में हल्की और सुरक्षित होती है, जिससे चोट लगने का ज्यादा डर नहीं रहता है।

टेनिस बॉल सस्ती होती है और कहीं पर भी आसानी से मिल जाती है। टेनिस बॉल से खेला जाने वाला मैच भी आमतौर पर कम ओवर (5, 8, 10, 12, 15) का होता है, जिससे कम समय में मैच पूरा हो जाता है। इसमें कभी भी खिलाड़ियों की संख्या और मैदान के अनुसार नियमों में बदलाव भी किया जा सकता है।

टेनिस बॉल क्रिकेट सामान्य रूप से दो तरह का होता है-

साधारण टेनिस बॉल क्रिकेट

यह हरे या पीले रंग की एक सामान्य और अधिक उछलने वाली गेंद होती है। इसमें थोड़ा भारीपन लाने के लिए, इसके ऊपर टेप (विद्युत टेप) लपेटकर खेला जाता है। इसको टेप बॉल क्रिकेट भी कहा जाता है।

भारी टेनिस बॉल क्रिकेट

इस तरह की बॉल को खासकर क्रिकेट खेलने के लिए ही बनाया जाता है। यह वजन में भारी होने के साथ-साथ लेदर बॉल की तरह ही व्यवहार करती है।

टेनिस बॉल क्रिकेट की लोकप्रियता की वजह

टेनिस बॉल क्रिकेट की बात करें तो इसके लिए किसी बड़े स्टेडियम या क्रिकेट ग्राउंड की जरुरत नहीं पड़ती है। आप इसे किसी भी खाली प्लॉट, गली-मोहल्ला, सड़क या बहुत छोटी जगह में खेल सकते हैं। इसके नियम इतने लचीले होते हैं कि इन्हें खिलाड़ी अपनी जरुरत और सुविधानुसार बदल सकते हैं।

टेनिस बॉल क्रिकेट कहीं भी और कभी भी कम संसाधनों के भी खेला जा सकता है, इस कारण यह बेहद लोकप्रिय है।

[1]. आसानी– इसमें न्यूनतम उपकरणों की आवश्यकता होती है। टेनिस क्रिकेट खेलने के लिए एक बैट, एक बॉल और एक पिच ही काफी है।

[2]. लचीलापन– इसको गली से लेकर सड़कों तक कही पर भी खेला जा सकता है।

[3]. सुरक्षा– टेनिस बॉल से चोट लगने का खतरा बेहद कम होता है, जिससे किसी भी उम्र के लिए यह कम जोखिम वाला होता हैं।

[4]. समय की बचत– मैच कम ओवर के होते है, जिससे समय की बचत होती है।

टेनिस बॉल क्रिकेट के नियम (Tennis Ball Cricket Rules)

अगर हम प्रोफेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट कि बात करें तो इसके स्टैण्डर्ड नियम है, जिसकी जानकरी आपको होनी चाहिए-

पिच की लंबाई और ओवर

टेनिस बॉल क्रिकेट के मैच 5 से 10 ओवर के बीच खेले जाते है, इसलिए यह मैच छोटे और रोमांचक होते हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट की तुलना में यहाँ पिच की लम्बाई थोड़ी कम होती है। आमतौर पर इसकी लम्बाई 20 यार्ड रखी जाती है।

वाइड और नो-बॉल के नियम

अगर गेंद लेग स्टंप से थोड़ी सी भी बाहर चली जाती है, तो उसको नो-बॉल करार दिया जाता है, क्योंकि टेनिस बॉल क्रिकेट में बल्लेबाजों को रन बनाने का पूरा मौका मिलता है।

गेंदबाज का पैर अगर क्रीज से बाहर निकलता है, तो नो-बॉल दी जाती है और फ्री हिट का नियम यहाँ पर भी लागु होता है।

एलबीडब्ल्यू (LBW)

टेनिस बॉल क्रिकेट में अक्सर एलबीडब्ल्यू का नियम लागु नहीं होता है।

रन आउट और मांकडिंग

लोकल टूर्नामेंट्स में रन आउट को लेकर काफी विवाद होता है। इसलिए इसमें पहले से तय करते है कि अंपायर का फैसला अंतिम और सर्वमान्य होगा।

टेनिस क्रिकेट में मांकडिंग (गेंदबाज द्वारा गेंद फेंकने से पहले नॉन-स्ट्राइकर बैट्समैन द्वारा क्रीज से बाहर आ जाना) को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत चेतावनी या सीधे आउट दिया जा सकता है।

बाय और लेग बाय के रन

लेदर बॉल क्रिकेट की तरह ही टेनिस बॉल क्रिकेट में भी पैड या शरीर पर गेंद टकराने पर रन लिए जा सकते हैं।

टेनिस बॉल क्रिकेट खेलने का सही तरीका

क्रिकेट के खेल में मुख्य तीन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता है बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण।

बल्लेबाजी करने का सही तरीका (Tennis Ball Cricket Batting Tips)

अधिक उछाल और हल्की बॉल होने की वजह से टेनिस बॉल क्रिकेट में बल्लेबाज के सामने कई चुनौतियां आती है। इसलिए हर बल्लेबाज को निचे दिए गए बल्लेबाजी करने के तरीकों को अपनाना चाहिए-

बल्ले की ग्रिप और खड़े होने का तरीका

बल्ले को थोड़ा निचे से पकड़ना (Bottom Hand Dominance) चाहिए, ऐसा करने से शॉट को पावर मिलता है और गेंद अधिक दुरी तक सफर करती है। लम्बे-लम्बे हिट मारने के लिए यह तकनीक सबसे बेहतरीन है। हर बल्लेबाज का खड़ा होने का तरीका ऐसा होना चाहिए, जिससे फ्रंट फुट और बैक फुट दोनों पर आसानी से मूव कर सकें।

गेंद की लाइन और लेंथ को समझना

टेनिस बॉल पिच पर टप्पा खाने के बाद अपेक्षाकृत अधिक उछाल लेती है। इसलिए गेंद के बाउंस को समझकर ही शॉट खेलना चाहिए।

हवा में नहीं खेले

जमीन से सटाकर शॉट खेलने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि हवा में कैच आउट होने के चांस ज्यादा होते है। टेनिस बॉल को कैच करना आसान होता है।

पुल और कट शॉट

टेनिस बॉल का उछाल (Bounce) ज्यादा होता है, इसलिए शार्ट पिच गेंदों पर पुल शॉट और कट शॉट रन बनाने के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है।

गेंदबाजी की रणनीति (Tennis Ball Cricket Bowling Tips)

टेनिस बॉल क्रिकेट में सही तरीके से गेंदबाजी बेहद जरुरी है। इस खेल में बल्लेबाजों को रन बनाने से रोकना और विकेट चटकाना एक बड़ी चुनौती होता है। टेनिस बॉल हल्की और अधिक उछाल वाली होती है, इसलिए यहाँ पारम्परिक लेदर बॉल काम नहीं आती है।

अगर आप एक सफल टेनिस बॉल क्रिकेट गेंदबाज बनाना चाहते है तो आपको निम्नलिखित रणनीतियों को अपनाना चाहिए-

यॉर्कर सबसे बड़ा हथियार

टेनिस बॉल क्रिकेट में डेथ ओवर्स में यॉर्कर गेंदबाजी करना सबसे सुरक्षित और आक्रामक विकल्प है। इस तरीके से मैच के अंतिम ओवरों में रन रोके जा सकते है। जब गेंद बल्लेबाज के जूतों के पास (ब्लॉक होल) में गिरती है, तो उस पर बड़ा शॉट या छक्का लगाना असंभव होता है।

गति में बदलाव

लगातार एक ही गति से गेंदबाजी करने पर बल्लेबाज आसानी के साथ गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेज सकता है। इसलिए, एक गेंदबाज को उंगली की मदद से Leg Cutter या Off Cutter के साथ-साथ स्लोअर वन का मिश्रण करना चाहिए।

ऐसा करने से बल्लेबाज बॉल को ठीक तरह से भांप नहीं पाएगा। बल्लेबाज की टाइमिंग बिगड़ जाने से कैच आउट होने का मौका बनता है।

सही लेंथ

टेनिस बॉल क्रिकेट में सटीक लेंथ का चयन करना जरुरी है। बहुत ज्यादा शॉर्ट बॉल पर पुल या कट शॉट मारना आसान होता है और ओवर पिच बॉल पर लम्बा हिट लग सकता है।

गेंद को गुड लेंथ पर या बैट्समैन की पहुँच से थोड़ा दूर (Wide of the crease) रखें, बॉल जितना बल्लेबाज के शरीर से दूर रहेगी, उसको हिट करने के लिए अतिरिक्त ताकत लगानी पड़ेगी।

फील्डिंग और फिटनेस

एक स्मार्ट बॉलर हमेशा फील्डिंग के अनुसार ही गेंदबाजी करता है। इससे बल्लेबाज के पास शॉट खेलने के विकल्प कम हो जाते है और आउट करने का मौका बनाया जा सकता है।

क्रिकेट का एक गोल्डन नियम है “कैच करो मैच जीतो”, इस कारण इस खेल में फील्डिंग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। गेंदबाज द्वारा “फॉलो-थ्रू” में कैच पकड़ना या रन-आउट करने के लिए हमेशा चौकस रहना जरुरी है, टेनिस बॉल क्रिकेट में अक्सर यहाँ पर बल्लेबाज को आउट करने का मौका बनता है।

चुस्त फील्डिंग न सिर्फ रनों पर अंकुश लगाती है बल्कि विपक्षी टीम पर मानसिक दबाव भी बनाती है।

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