क्या मोहम्मद शमी के बिना अधूरा रहेगा वर्ल्ड कप 2027? जानिए आंकड़े और वजह

मोहम्मद शमी वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल के बाद से ही लगातार टीम इंडिया से बाहर चल रहे है, इसमें कोई दो राय नहीं है कि शमी क्रिकेट वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे घातक और सफल गेंदबाजों में से एक है। इसके पीछे उनके बेहतरीन गेंदबाजी आंकड़े है। शमी ने पहली बार साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में संयुक्त रूप से खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में भाग लिया था।

इनका अंतिम वनडे वर्ल्ड कप 2023 था। अब आगामी वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप में शमी की वापसी को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही है।

गौतम गंभीर के भारतीय टीम के कोच बनने के बाद से टीम इंडिया का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। कोच गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर पर अच्छे प्लेयर्स को बाहर कर, उनकी पसंद के खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के आरोप लगातार लगते रहे है।

कई लोग और पूर्व क्रिकेटर, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी को टीम इंडिया में देखना चाहते है और इसके लिए वकालत कर चुके है।

क्या मोहम्मद शमी वर्ल्ड कप 2027 के लिए वाकई में जरुरी है? क्या शमी के बिना टीम इंडिया को वर्ल्ड कप का सफर आसान नहीं रहने वाला है? आइए जानते है-

मोहम्मद शमी का वनडे विश्व कप दबदबा

मोहम्मद शमी अब तक 3 वनडे विश्व कप खेल चुके है, जिसमें विश्व कप 2015 (ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड), विश्व कप 2019 (इंग्लैंड) और विश्व कप 2023 (भारत) शामिल है।

इन्होंने कुल 18 विश्व कप मैच खेले है, जिनमें 13.52 के औसत से 55 विकेट इनके नाम दर्ज है। भारत की ओर से विश्व कप में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में शमी 55 विकेट के साथ पहले स्थान पर है।

जबकि जहीर खान (44 विकेट) और जवागल श्रीनाथ (44 विकेट) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज है।

वर्ल्ड कप 2015 में शमी (ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड)

शमी ने विश्व कप 2015 में 7 मैच खेले और 17 विकेट हासिल किए।

मैचविकेटऔसतबेस्टइकोनॉमी
71717.294 /354.81

भारत की ओर से सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज उमेश यादव थे, जिन्होने 8 मैच में 18 विकेट हासिल किए थे। शमी 7 मैचों में 17 विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर रहे। शमी ने शानदार 17.29 के औसत और 4.81 के अच्छे इकोनॉमी से गेंदबाजी की।

यह शमी की सटीक लाइन, लेंथ और स्विंग का कमाल था। आईसीसी इवेंट्स में इस तरह की गेंदबाजी करना किसी भी गेंदबाज के लिए वाकई में बड़ी उपलब्धि है।

वर्ल्ड कप 2019 में शमी (इंग्लैंड)

इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का सफर सेमीफाइनल तक रहा। मोहम्मद शमी को 4 मैच खेलने का मौका मिला, उन्होंने 4 मैचों में 14 विकेट हासिल किए।

शमी के गेंदबाजी आंकड़े इस तरह थे-

मैचविकेटऔसतबेस्टइकोनॉमी
41413.785/695.48

इस बार भी शमी ने अपनी सटीक गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन किया और मात्र 4 मैचों में 13.78 के बेहतरीन औसत के साथ 14 विकेट हासिल किए।

वर्ल्ड कप 2023 में शमी (भारत)

वर्ल्ड कप 2023 का फाइनल भारत हार गया लेकिन इस वर्ल्ड कप में शमी ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से सबको चौंका दिया। इस वर्ल्ड कप में शमी 24 विकेट के साथ टॉप विकेट टेकर रहे।

शमी के गेंदबाजी आंकड़े इस तरह थे-

मैचविकेटऔसतबेस्टइकोनॉमी
72410.707/575.26

7 मैचों में 10.70 के औसत से 24 विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए सपने के सच होने जैसा होता है, अगर यह आईसीसी का सबसे बड़ा टूर्नामेंट हो तो फिर कहना ही क्या।

आईसीसी वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप में मोहम्मद शमी के आंकड़े बहुत अच्छे है, इस तरह के आंकड़े वर्तमान में किसी भी गेंदबाज के नहीं है।

शमी का अनुभव और आंकड़े यही कहते है कि उनको दक्षिण अफ्रीका में आगामी में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 में टीम इंडिया का हिस्सा होना चाहिए।

क्यों जरुरी हैं शमी?

गेंदबाजी लाइन-अप की फिटनेस समस्याएं:

गेंदबाजों की फिटनेस भारतीय टीम की सबसे बड़ी चिंता है। हर्षित राणा जैसे युवा गेंदबाज अभी भी चोट से जूझ रहे है जबकि हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह अभी-अभी चोट के बाद वापसी कर रहे है।

भारतीय गेंदबाजी डिपार्टमेंट अभी भी बहुत कमजोर नजर आ रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना कि “क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027” में मोहम्मद शमी का टीम इंडिया में चयन होना चाहिए? बिलकुल वाजिब है। वर्ल्ड कप में शमी का बेहतर रिकॉर्ड ही नहीं बल्कि उनका अनुभव भी टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

दक्षिण अफ्रीका पिचों का फायदा:

दक्षिण अफ्रीका के पिच तेज और उछाल भरे होने के साथ-साथ स्विंग फ्रेंडली है, जिसके चलते शमी को फायदा मिल सकता है।

मोहम्मद शमी का वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड और उनका अपार अनुभव यह साबित करता है कि वे सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का मजबूत स्तंभ बन सकते हैं।